इस पोस्ट के जवाब में हिंदूपैक्ट ने कहा कि सिख और दक्षिण एशियाई शब्दों का इस्तेमाल आपत्तिजनक और बांटने वाली भाषा है। संगठन का तर्क है कि इससे भारतीय मूल के लोगों, खासकर हिंदुओं को अलग कर दिया जाता है और भारतीय उपमहाद्वीप से जुड़े अलग-अलग समुदायों के बीच विभाजन पैदा होता है।
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हिंदूपैक्ट