भारत के दूरसंचार विभाग (DTO) की 'समृद्ध ग्राम' पहल ने WSIS पुरस्कार 2026 जीता है। / Video Grab/X/Jyotiraditya M. Scindia
भारत के दूरसंचार विभाग (DTO) की 'समृद्ध ग्राम' पहल ने WSIS (वर्ल्ड समिट ऑन दि इन्फॉर्मेशन सोसायटी) पुरस्कार 2026 जीता है। यह दिखाता है कि केंद्र सरकार की ओर से डिजिटल इंडिया के तहत की गई पहलों को अब वैश्विक स्तर पर मान्यता मिल रही है। यह जानकारी केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की ओर से गुरुवार को दी गई।
केंद्रीय मंत्री की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, भारत ने यह प्राइज 'इनेबलिंग एनवायरनमेंट' कैटेगरी के तहत जीता है।
इस पुरस्कार को भारत के लिए वैश्विक स्तर पर एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सिंधिया ने कहा कि यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि डीओटी के 'समृद्ध ग्राम इंटीग्रेटेड फाइजिटल सर्विसेज प्रोजेक्ट' को अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (आईटीयू) की ओर से डब्ल्यूएसआईएस प्राइज 2026 में 'इनेबलिंग एनवायरनमेंट' कैटेगरी के तहत ग्लोबल विनर घोषित किया गया है।
केंद्रीय मंत्री ने आगे लिखा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समावेशी डिजिटल इंडिया के विजन को मिली वैश्विक मान्यता भी है, जिसमें टेक्नोलॉजी का लाभ हर नागरिक तक पहुंचता है, यहां तक कि हमारे सबसे दूर-दराज के गांवों में रहने वालों तक भी। भारतनेट से संचालित 'समृद्ध ग्राम' कनेक्टिविटी को अवसर में बदलता है और गांव-स्तर के 'समृद्धि केंद्रों' के जरिए स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, डिजिटल बैंकिंग और आजीविका से जुड़ी सेवाएं पहुंचाता है।
पोस्ट के अंत में केंद्रीय मंत्री ने लिखा कि यह उपलब्धि डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर में भारत की लीडरशिप को फिर से साबित करती है और इस बात पर जोर देती है कि भारत की जरूरतों के हिसाब से बनाए गए समाधान दुनिया के लिए बड़े पैमाने पर अपनाए जा सकने वाले मॉडल बन सकते हैं। साथ ही, इस उपलब्धि के पीछे शामिल सभी लोगों को बधाई दी।
भारतनेट के सपोर्ट से तैयार समृद्ध ग्राम पहल समृद्धि केंद्रों को वन-स्टॉप सामुदायिक केंद्र के रूप में स्थापित करती है। यह एकीकृत "फिजिटल" सेवाएं प्रदान करती है और डिजिटल प्लेटफॉर्म के साथ बुनियादी ढांचे को जोड़ती हैं।
इन केंद्रों के माध्यम से,ग्रामीण लोगो को स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, कृषि, शासन, वित्तीय समावेशन और ई-कॉमर्स में आवश्यक सेवाओं तक निर्बाध पहुंच प्राप्त होती है। हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड, एफटीटीएच कनेक्टिविटी और सार्वजनिक वाई-फाई टेलीमेडिसिन, स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल गवर्नेंस सेवाओं और प्रौद्योगिकी-सक्षम कृषि जैसे परिवर्तनकारी उपयोग के मामलों में सक्षम बनाते हैंं।
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