42 वर्षीय कुलदीप सिंह जब मेट पुलिस अधिकारी के रूप में काम कर रहे थे, तब वह ऐसे लोगों के एक समूह का हिस्सा थे, जो पहले से तय योजना के तहत वाहनों की टक्कर करवाते थे। इसके बाद यह समूह बीमा कंपनियों से फर्जी मुआवजे के दावे करता था।

सांकेतिक तस्वीर
Credit: Pexels