भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी। / IANS
भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने गुरुवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऑस्ट्रेलिया यात्रा के दौरान ऑस्ट्रेलियाई नेताओं के साथ हुई बातचीत में भारतीय छात्रों की वीजा प्रक्रिया में हुए बदलाव और आवेदन निपटाने में हो रही देरी को लेकर चिंताओं पर भी चर्चा हुई।
मिस्री ने उन खबरों को खारिज कर दिया जिनमें कहा जा रहा था कि ऑस्ट्रेलिया नए छात्र वीजा आवेदनों पर रोक लगा सकता है। उन्होंने बताया कि ऑस्ट्रेलिया ने भारत को भरोसा दिलाया है कि सख्त जांच प्रक्रिया के कारण असली और योग्य भारतीय छात्रों के लिए मौके कम नहीं होंगे।
मेलबर्न में प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रमों के बारे में जानकारी देते हुए विदेश सचिव मिस्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “छात्र वीजा से जुड़े मुद्दे पर हमें पता है कि भारतीय छात्रों के बीच कुछ चिंताएं हैं। वीजा जांच प्रक्रिया में बदलाव हुए हैं और कुछ आवेदनों को पूरा होने में ज्यादा समय लग रहा है। पूरे दिन ऑस्ट्रेलियाई नेताओं के साथ हुई बातचीत में हमने भारत और ऑस्ट्रेलिया के लोगों के बीच संबंधों को और मजबूत करने की बात सुनी।”
उन्होंने कहा, “यह माना गया है कि कुछ प्रक्रियाएं पहले से थोड़ी ज्यादा सख्त हो गई हैं, लेकिन साथ ही यह भरोसा भी दिया गया है कि इससे भारत के असली छात्रों के लिए अवसर कम नहीं होंगे। मुझे यह भी जानकारी है कि कुछ खबरों में कहा जा रहा है कि लोग आवेदन ही नहीं कर पाएंगे, लेकिन मुझे नहीं लगता कि इन खबरों में कोई सच्चाई है।”
मिस्री ने कहा कि भारत को पूरा भरोसा है कि ऑस्ट्रेलिया भारतीय छात्रों के लिए शिक्षा के अवसर खुले और निष्पक्ष रखेगा और योग्य छात्रों का स्वागत करता रहेगा। छात्रों के आदान-प्रदान और भारतीय छात्रों के ऑस्ट्रेलिया आकर पढ़ाई करने के अवसरों को लेकर हमें भरोसा है कि ये मौके खुले रहेंगे, निष्पक्ष रहेंगे और ऑस्ट्रेलियाई अधिकारी भारत से आने वाले योग्य छात्रों का स्वागत करते रहेंगे।
इस बीच, प्रधानमंत्री मोदी के साथ आयोजित ‘मेलबर्न मीट्स मोदी’ कार्यक्रम में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने कहा कि भारतीय समुदाय की मेहनत और योगदान ऑस्ट्रेलिया के विकास में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारतीय समुदाय देश के जरूरी क्षेत्रों जैसे स्वास्थ्य और आईटी में कुशल लोगों की कमी को पूरा करने में मदद कर रहा है, छोटे कारोबारों को बढ़ावा दे रहा है और शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूत बना रहा है।
अल्बनीज ने कहा कि भारतीय छात्रों ने भी ऑस्ट्रेलिया की शिक्षा व्यवस्था में बड़ा योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत से आने वाले कई छात्र ऑस्ट्रेलिया को अपनी पढ़ाई और भविष्य में निवेश करने के लिए चुनते हैं, खासकर विक्टोरिया राज्य में।
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