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पहनावा और पहचान: ब्रिटिश-भारतीय लेखिका ने रॉयल एस्कॉट में पहनी पारंपरिक चंदेरी साड़ी

दशकों तक यूके में रहने के बावजूद, बंगा ने कहा कि अपनी जड़ों से जुड़े कुछ नाते कभी नहीं बदले।

 रॉयल एस्कॉट में कामिनी बंगा। रॉयल एस्कॉट में कामिनी बंगा। / LInkedIn

ब्रिटिश-भारतीय लेखिका और समाजसेवी कामिनी बंगा ने रॉयल एस्कॉट में पारंपरिक ड्रेस और हैट के बजाय पारंपरिक भारतीय चंदेरी साड़ी पहनने का फैसला किया। उन्होंने इस फैसले को अपनी भारतीय पहचान और विरासत को दिखाने का जरिया बताया।

पूर्व ब्रांड स्ट्रैटेजिस्ट, लेखिका और 'कामिनी एंड विंडी बंगा फैमिली ट्रस्ट' की चेयरपर्सन बंगा ने लिंक्डइन पर 'रॉयल एस्कॉट में अपनी साड़ी के जरिए दिल की बात कहना' (Wearing my Heart on my Sari at Royal Ascot) शीर्षक से एक पोस्ट में अपना अनुभव साझा किया। यूके में रहने वाली इस समाजसेवी ने कहा कि 20 साल से ब्रिटिश नागरिक होने के बावजूद, अपनी भारतीय जड़ों से उनका जुड़ाव वैसा ही बना हुआ है।

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बंगा ने लिखा कि जब मुझे रॉयल एस्कॉट का न्योता मिला, तो मैं घबरा गई। उन्होंने याद किया कि कैसे वह लंबे समय से इस प्रतिष्ठित ईवेंट को समर ड्रेस और सबसे अनोखी, आकर्षक और ग्लैमरस हैट पहने सुंदर महिलाओं से जोड़कर देखती रही थीं।

एस्कॉट के 'रॉयल ​​एन्क्लोजर' में मेहमानों को हैट के साथ औपचारिक वेस्टर्न कपड़े या अपनी राष्ट्रीय पोशाक पहनने की इजाजत होती है। बंगा ने बताया कि शुरू में उन्होंने पारंपरिक एस्कॉट लुक आजमाने के लिए अपने अंग्रेज दोस्तों के साथ लंदन के कुछ बड़े फैशन सैलून का दौरा किया।

उन्होंने लिखा कि जल्द ही यह साफ हो गया कि अंग्रेजी ड्रेस और हैट मुझ पर कभी नहीं जंचेंगे। हालांकि दोस्तों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वह बहुत सुंदर लग रही हैं, लेकिन बंगा ने कहा कि उन्हें आईने में सिर्फ अपनी दादी का हैरानी भरा और उलझन वाला चेहरा दिखाई दे रहा था।

आखिरकार उन्होंने विंटेज ज्वेलरी के साथ चंदेरी साड़ी पहनने का फैसला किया। उन्होंने लिखा कि आखिरकार विंटेज ज्वेलरी के साथ साड़ी पहनने पर सहमति बनी। उन्होंने आगे कहा कि मैं 20 साल से यूके में रह रही हूं और यहां की नागरिक हूं, लेकिन कुछ चीजें कभी नहीं बदलतीं।

बंगा ने बताया कि बाद में उनके दोस्तों ने उन्हें अपनी विरासत को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया और उन्हें यकीन दिलाया कि वह और उनके पति विंडी बंगा (जो अचकन पहने हुए थे) ईवेंट में सबसे अलग और आकर्षक लगेंगे।

उन्होंने लिखा- फिर उन्होंने मुझे यकीन दिलाया कि अचकन पहने विंडी और चंदेरी साड़ी पहने मैं सबसे अलग दिखेंगे और शाही परिवार, खासकर राजा को भारतीय चीजें बहुत पसंद हैं। बंगा के मुताबिक, ईवेंट के दौरान स्टाफ और वहां मौजूद दूसरे लोगों ने इस जोड़े की तारीफ की।

उन्होंने लिखा कि वहां हमें अक्सर रोका गया और तारीफें मिलीं - सिक्योरिटी गार्ड से लेकर स्टीवर्डेस, सुंदर युवतियों और ऐसे सज्जनों-महिलाओं तक, जिनका इतिहास और वतन एक ही था। इस कार्यक्रम का समापन मेजबानों द्वारा मेड इन इंडिया और एस्कॉट रेसकोर्स में घुड़दौड़ के सम्मान में टोस्ट (जाम) उठाने के साथ हुआ।

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट अहमदाबाद से MBA और मिरांडा हाउस से फिजिक्स में मास्टर्स करने वाली बंगा ने 'डाइमेंशन्स कंसल्टेंसी' की शुरुआत की और भारत, चीन, तुर्की और यूरोप में कई मल्टीनेशनल कंपनियों को सलाह दी है। वह कैंसर को मात देने वाली एक सर्वाइवर, लेखिका और समाजसेवी भी हैं, जो कैंसर रिसर्च UK, अल्मेडा थिएटर और मुंबई में नेशनल सेंटर फॉर द परफॉर्मिंग आर्ट्स जैसे संगठनों से जुड़ी हुई हैं।

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