सांकेतिक... / Pexels
संगीन अपराध के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और इनसे जुड़े संगठनों पर नकेल कसने के लिए अमेरिका ने चार देशों के साथ मिलकर जिस ऑपरेशन हार्ड बॉल को अब शुरू किया है कुछ वैसा काम भारत में बहुत पहले से हो जाना चाहिए था। मगर इसके उलट ऑपरेशन हार्ड बॉल का प्रमुख निशाना, जिसे अपने देश में लाकर न्याय करने के लिए अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी FBI बेताब है, वह लॉरेंस बिश्नोई भारत की जेल में बैठकर 'पुलिस की ही मदद से' बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को चला रहा है और हत्या, फिरौती व धमकाकर धम उगाही जैसे अपराधों को अंजाम दे रहा है। अब FBI ने इस अभियान के तहत अमेरिका, कनाडा और यूरोप में समन्वित छापेमारी कर 24 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। कुल 37 अभियुक्तों के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई है। लॉरेंस की जड़ें अमेरिका और यूरोप के कई देशों में हैं।
बीते कुछ समय से अमेरिकी लोग लॉरेंस गैंग के निशाने पर थे और जान के जोखिम के चलते पैसा चुकाने के लिए मजबूर थे। इसीलिए FBI ने लॉरेंस को अपनी हिट लिस्ट में रखा है और उसके पूरे गिरोह पर शिकंजा कसने की गरज से अमेरिका में उसके करीबी गोल्डी बराड़ को पकड़ने के वास्ते उसे मोस्ट वांटेड घोषित करते हुए 50 हजार डॉलर के ईनाम का ऐलान किया है। खबर है कि लॉरेंस के भारत से प्रत्यर्पण की प्रक्रिया भी शुरू होने वाली है। यह बात भारत में भी 'खुली' हुई है कि लॉरेंस जेल से अपने अंतरराष्ट्रीय गिरोह का संचालन कर रहा है। तकनीक के सहारे उसकी कारस्तानियों पर विराम लगाने की भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की तमाम कोशिशें नाकाम साबित हुई हैं।
बहरहाल, संगठित अपराध पर वार करते हुए इनके तारों को पूरी तरह काटने के लिए ही अमेरिका समेत चार देशों ने हार्ड बॉल अभियान चलाया है। शायद इसलिए भी कि जो काम संगीन अपराधी लुक-छुपकर करते हैं लॉरेंस वह जेल में बैठकर कर आराम से कर रहा है, ऐसा सरकारों का दावा है। यह अलग बात है कि भारत में लॉरेंस के नाम से भी कई बदमाश या गिरोह सक्रिय हैं और यह भी नहीं कहा जा सकता है कि किस गिरोह का नेटवर्क स्थानीय सीमाओं के पार तक जा पहुंचा है। अमेरिकी एजेंसियों ने यह तो कहा है कि भारत इस समन्वित अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई में उसकी मदद कर रहा है लेकिन यही मदद भारत की अपनी नाकामी भी उजागर कर रही है।
इस आरोप-पत्र के साथ कनाडा का वह दावा भी आधारहीन साबित हुआ है जिसमें उसने कहा था कि खालिस्तानी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय अधिकारियों का हाथ है। अमेरिका में जो आरोप-पत्र दाखिल हुआ है उसमें निज्जर की हत्या के लिए लॉरेंस-गोल्डी को जम्मेदार बताया गया है। 2023 में जब कनाडा में निज्जर की हत्या हुई थी तो अमेरिका ने भी भारत पर दबाव बनाया था। और अब अमेरिका-कनाडा ने जो अभियान चलाया है उसके केंद्र में वह अंतरराष्ट्रीय गैंगस्टर है जो भारत की जेल में बंद है और दुनियाभर के लिए चुनौती है।
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