भद्रेशदास स्वामीजी ने यह सम्मान भगवान स्वामीनारायण और उनके गुरुओं, प्रमुख स्वामी महाराज और महंत स्वामी महाराज को समर्पित किया।

यह सम्मान नई दिल्ली में BAPS स्वामीनारायण अक्षरधाम में वरिष्ठ विद्वानों और धार्मिक नेताओं की मौजूदगी में दिया गया।
Credit: BAPS Swaminarayan Sanstha