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डोनाल्ड ट्रंप की जवाबी टैरिफ लगाने की तैयारी, भारत का भी नंबर आएगा?

ट्रंप के अलावा उनके नामित वाणिज्य मंत्री हावर्ड लुटनिक ने हाल ही में भारत के उच्च शुल्क दरों को लेकर चिंता व्यक्त की थी।

 ट्रंप का यह निर्णय उनके चुनावी वादों को पूरा करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। ट्रंप का यह निर्णय उनके चुनावी वादों को पूरा करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। / REUTERS/Kevin Lamarque/File Photo

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगले सप्ताह सोमवार या मंगलवार को वह कई देशों पर जवाब टैरिफ लगाने की योजना बना रहे हैं। यह कदम वैश्विक व्यापार संबंधों को अमेरिका के पक्ष में फिर से कायम करने की उनकी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। 

ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि किन देशों पर यह शुल्क लगाया जाएगा, लेकिन संकेत दिया कि यह एक व्यापक नीति होगी जो अमेरिकी बजट की समस्याओं का भी समाधान कर सकती है।  उन्होंने कहा कि मैं अगले सप्ताह प्रतिस्पर्धात्मक व्यापार की घोषणा करूंगा ताकि अन्य देशों के साथ समान रूप से व्यवहार किया जाए। हम न ज्यादा चाहते हैं, न कम।

ट्रंप का यह निर्णय उनके चुनावी वादों को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उन्होंने कहा था कि वह सुनिश्चित करेंगे कि अमेरिकी उत्पादों पर लगाए गए शुल्क अन्य देशों द्वारा अमेरिकी निर्यात पर लगाए गए करों के बराबर हों।

उन्होंने यह घोषणा जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा से मुलाकात के दौरान की। उन्होंने संकेत दिया कि ऑटोमोबाइल सेक्टर पर भी नए शुल्क लगाए जा सकते हैं। हालांकि व्हाइट हाउस द्वारा कुछ देशों को छूट देने की संभावनाएं भी तलाशी जा रही हैं।

अमेरिका लंबे समय से यूरोपीय संघ द्वारा ऑटोमोबाइल आयात पर 10% शुल्क लगाने की शिकायत करता रहा है जबकि अमेरिका इस सेक्टर में केवल 2.5% का शुल्क लगाता है। ट्रंप अक्सर कहते हैं कि यूरोप हमारी कारें नहीं खरीदता, लेकिन वे हर साल लाखों गाड़ियां अमेरिका भेजते हैं। हालांकि अमेरिका अपने पिकअप ट्रकों पर 25% का शुल्क लगाता है जिससे जनरल मोटर्स, फोर्ड और स्टेलेंटिस जैसी अमेरिकी कंपनियों को बड़ा मुनाफा होता है।

ट्रंप के टैरिफ वॉर के निशाने पर भारत, ब्राजील और वियतनाम जैसे देश भी हैं। ट्रंप के नामित वाणिज्य मंत्री हावर्ड लुटनिक ने हाल ही में भारत के उच्च शुल्क दरों को लेकर चिंता व्यक्त की थी। इसी तरह अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि नामित जेमीसन ग्रीर ने वियतनाम और ब्राजील के व्यापार बाधाओं को लेकर चर्चा की।

विश्व व्यापार संगठन (WTO) के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका का औसत व्यापार शुल्क 2.2% है जबकि भारत के लिए यह 12%, ब्राजील के लिए 6.7%, वियतनाम के लिए 5.1% और यूरोपीय संघ के लिए 2.7% है।

ट्रंप ने यह भी बताया कि वह इन व्यापार शुल्कों का उपयोग अपने 2017 के टैक्स कटौती कार्यक्रम की भरपाई के लिए करेंगे जिससे अमेरिका पर भारी कर्ज का बोझ बढ़ने की आशंका है। हालांकि हाल के वर्षों में व्यापार शुल्क से होने वाली आय अमेरिका के कुल राजस्व का केवल 2% रही है।

ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में कनाडा और मैक्सिको पर 25% शुल्क लगाने की घोषणा की थी, लेकिन निवेशकों की नकारात्मक प्रतिक्रिया के कारण इसे अस्थायी रूप से टाल दिया गया। इन दोनों देशों ने सीमा सुरक्षा कड़ी करने के लिए सहमति जताई जो ट्रंप की प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक रही है।
 

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