इसकी घोषणा सोमवार को की गई। / X/@ASSOCHAM4India
भारत के प्रमुख उद्योग संगठन एसोचैम ने भारत, फ्रांस और अरब देशों के बीच व्यापार, निवेश तथा कारोबारी सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बिजनेस फ्रांस और भारत एवं अरब देशों के वाणिज्य, उद्योग एवं कृषि मंडल के साथ रणनीतिक समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। इसकी घोषणा सोमवार को की गई।
शीर्ष उद्योग संगठन ने बताया कि एसोचैम समझौता हस्ताक्षर समारोह के दौरान हुए इन समझौतों का उद्देश्य संस्थागत सहयोग, व्यापारिक आदान-प्रदान, निवेश को प्रोत्साहन, प्रौद्योगिकी साझेदारी तथा विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर बाजार पहुंच के माध्यम से भारत की वैश्विक आर्थिक साझेदारियों को और मजबूत बनाना है।
बिजनेस फ्रांस के साथ हुए समझौते के तहत दोनों संस्थाएं व्यापार और निवेश के अवसरों को बढ़ावा देने, प्रौद्योगिकी सहयोग और संयुक्त उद्यमों को प्रोत्साहित करने, व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों का समर्थन करने, बाजार संबंधी जानकारियों का आदान-प्रदान करने तथा व्यापार मेलों, प्रदर्शनियों, सम्मेलनों और अन्य कारोबारी गतिविधियों का संयुक्त रूप से आयोजन करेंगी।
इस अवसर पर एसोचैम के महासचिव सौरभ सान्याल ने कहा कि वैश्विक बाजारों के साथ भारत की बढ़ती भागीदारी व्यवसायों के लिए साझेदारी, निवेश और नवाचार के नए अवसर लेकर आई है।
उन्होंने कहा, "बिजनेस फ्रांस और भारत एवं अरब देशों के वाणिज्य, उद्योग एवं कृषि मंडल के साथ हमारी ये साझेदारियां मजबूत संस्थागत संबंध स्थापित करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। इससे उद्यमों को आपस में जुड़ने, नए बाजार तलाशने और दीर्घकालिक तथा टिकाऊ आर्थिक मूल्य सृजित करने में मदद मिलेगी।"
बिजनेस फ्रांस के कृषि निर्यात प्रभाग के प्रमुख वियानी मेनिएर ने कहा कि यह साझेदारी फ्रांस और भारत के उद्यमों के बीच कंपनियों, संस्थानों और निवेशकों की भागीदारी बढ़ाकर कारोबारी संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
वहीं, भारत एवं अरब देशों के वाणिज्य, उद्योग एवं कृषि मंडल के कार्यवाहक महासचिव डॉ. वाइल एस. एच. अव्वाद ने कहा कि यह समझौता व्यापारिक संवाद को बढ़ावा देने, निवेश साझेदारियों को प्रोत्साहित करने और भारत तथा अरब क्षेत्र के बीच वाणिज्यिक सहयोग को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा।
भारत एवं अरब देश वाणिज्य, उद्योग एवं कृषि मंडल के साथ हुए इस समझौते का मुख्य उद्देश्य व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों के आदान-प्रदान, व्यापार एवं निवेश संबंधी सूचनाओं के साझा उपयोग, संयुक्त उद्यमों और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को बढ़ावा देना तथा ऐसे कारोबारी आयोजनों का संचालन करना है, ताकि उद्यमों को नए वैश्विक बाजारों तक पहुंच बनाने में सहायता मिल सके।
इसके अलावा, यह समझौता कंपनियों, निवेशकों और संस्थानों के बीच अधिक प्रभावी संवाद और सहयोग के लिए नए मंच उपलब्ध कराकर भारत और फ्रांस के बीच आर्थिक संबंधों को भी और अधिक मजबूत बनाएगा।
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