यह PIL प्रवासी लीगल सेल (PLC) द्वारा दायर की गई थी। कोर्ट ने कहा, 'यह अदालतों का विषय नहीं है। यह संसद के लिए है, हम कानून नहीं बना सकते। कृपया वहां जाइए। यह मुद्दा राष्ट्रीय सुरक्षा पर व्यापक प्रभाव डालता है, जो अदालतों द्वारा अनुमति से देने से परे है।'
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दिल्ली हाई कोर्ट ने जनहित याचिका (PIL) पर विचार करने से इंकार कर दिया।
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