इस पहल का उद्देश्य विस्थापित कश्मीरी पंडितों को उनकी पैतृक जड़ों, पवित्र स्थलों, सांस्कृतिक स्मृति और भविष्य के लिए सामूहिक आकांक्षाओं से पुनः जोड़ना है।

बुधवार को जम्मू-श्मीर के श्रीनगर जिले में डल झील के किनारे एक शिकारा और ऊपर मंडराते बादल।
Credit: IANS