इसरो के मुताबिक, पुष्पक यान को भारतीय वायुसेना के चिनूक हेलीकॉप्टर की मदद से 4.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर ले जाकर छोड़ दिया गया था। वहां से वह खुद नीचे आया और रनवे से 4 किमी की दूरी पर पहुंचने के बाद अपने आप रास्ते में सुधार करते हुए रनवे तक पहुंचा। यह रनवे पर बिल्कुल सटीक तरीके से उतरा।

पुष्पक आरएलवी की सटीक लैंडिंग अंतरिक्ष तकनीक में इसरो की महारत को दर्शाती है।
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